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विस्तृत उत्तर
वृद्धिश्राद्ध, जिसे आभ्युदयिक श्राद्ध भी कहा जाता है, वह श्राद्ध है जो परिवार में शुभ या मांगलिक कार्य के समय किया जाता है। विवाह, उपनयन संस्कार या पुत्र-जन्म जैसे अवसरों पर यह श्राद्ध किया जाता है। इसमें पितरों को नान्दीमुख कहा जाता है और उन्हें प्रसन्न, संतुष्ट तथा आह्लादित माना जाता है। इस श्राद्ध में पितरों का आह्वान सत्यवसुसंज्ञकाः पितरः या वसु-रुद्र-आदित्य स्वरूप नान्दीमुखाः पितरः के रूप में होता है।
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