परिचय और स्वरूपमाँ धूमावती के स्वामी कौन हैं और वे विधवा क्यों मानी जाती हैं?
माँ धूमावती = स्वामी रहित (विधवा) — एकाकी और अनासक्त स्वरूप। कथा: अपनी क्षुधा शांत करने के लिए पति शिव को ही भक्षण कर लिया = अज्ञान की शक्ति (भूख-लालसा) द्वारा चेतना (शिव) को ढक लेने का प्रतीक।
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