दैनिक पूजा में धातुतांबे के पात्र से सूर्य को अर्घ्य देने से क्या होता है?तांबे के पात्र से सूर्य को अर्घ्य देने से कुंडली में सूर्य, चंद्र और मंगल की स्थिति मजबूत होती है और घर से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।#सूर्य अर्घ्य#तांबा#कुंडली
चन्द्रमा और चन्द्रदोषचन्द्रदोष क्या होता है?चन्द्रदोष तब होता है जब चन्द्रमा कुंडली में नीच राशि में, अमावस्या के निकट क्षीण, या शनि/राहु/केतु के साथ हो — इससे भय, चिंता, अस्थिरता और अवसाद जैसे मानसिक कष्ट होते हैं।#चन्द्रदोष#कुंडली#नीच राशि
ज्योतिष दोष एवं उपायमंगल दोष क्या है कुंडली में कैसे दिखता हैमंगल 1/2/4/7/8/12 भाव=मांगलिक। ~40-50% कुंडली=मांगलिक (सामान्य)। सब हानिकारक नहीं — भाव/राशि/दृष्टि। मेष/वृश्चिक/मकर=दोष कम। अत्यधिक भय अनुचित।#मंगल दोष#कुंडली#मांगलिक
ज्योतिष दोष एवं उपायकुंडली मिलान में नाड़ी दोष क्या है उपायवर-वधू समान नाड़ी (आदि/मध्य/अंत्य) = नाड़ी दोष (0/8 — सर्वाधिक गंभीर)। संतान/स्वास्थ्य/कलह। अपवाद अनेक (भिन्न नक्षत्र/चरण)। उपाय: निवारण पूजा, महामृत्युंजय, गोदान। बहुत से सफल विवाह इसके बावजूद।#नाड़ी दोष#कुंडली#विवाह
कुंडली ज्ञानविपरीत राजयोग क्या होता है?6/8/12 स्वामी अपने/एक-दूसरे भाव=विपरीत राजयोग। 3 प्रकार: हर्ष(6), सरल(8), विमल(12)। कठिनाइयों→अप्रत्याशित सफलता। शत्रु स्वतः नष्ट। संघर्ष पहले, सफलता बाद।#विपरीत राजयोग#6-8-12#कुंडली
ज्योतिषराहु दोष क्या है — लक्षण?राहु अशुभ=अचानक कष्ट, मानसिक भ्रम, बुरे सपने(सर्प), नशा प्रवृत्ति, छल, त्वचा रोग, कालसर्प, अस्थिरता। ज्योतिषी से कुंडली दिखाएँ।#राहु दोष#लक्षण#कुंडली