लोकअष्टमी श्राद्ध में वैतरणी का संबंध क्या है?दान आत्मा को वैतरणी पार कराने में सहायक है।#वैतरणी#गोदान#गरुड़ पुराण
लोकवैतरणी नदी क्या है?वैतरणी यमलोक के मार्ग की १०० योजन चौड़ी भयंकर नदी है, जिसमें पापियों के लिए रक्त, पीब, मूत्र और हड्डियाँ बहती हैं।#वैतरणी नदी#यमलोक#गरुड़ पुराण
मरणोपरांत आत्मा यात्रावैतरणी नदी पार न कर पाने पर आत्मा को क्या होता है?गोदान न होने पर आत्मा वैतरणी में धकेली जाती है और पीड़ा सहते हुए तैरकर पार करती है।#वैतरणी नदी#गोदान#आत्मा कष्ट
मरणोपरांत आत्मा यात्रावैतरणी नदी के नाविक का प्रश्न क्या होता है?वैतरणी का नाविक पूछता है कि क्या आत्मा ने पृथ्वी पर गोदान किया था।#वैतरणी नाविक#गोदान#यममार्ग
मरणोपरांत आत्मा यात्रावैतरणी नदी क्या है?वैतरणी नदी यमलोक से पहले आने वाली रक्त, मवाद और अस्थियों से भरी भयंकर नदी है।#वैतरणी नदी#यममार्ग#यमलोक
जीवन एवं मृत्युगोदान क्या है?गोदान = सुलक्षणी गाय को विधिपूर्वक ब्राह्मण को दान देना। गरुड़ पुराण में यह सर्वश्रेष्ठ दान है — वैतरणी पार कराता है, नरक से बचाता है, पाप नष्ट करता है और पितर-मोक्ष देता है।#गोदान#वैतरणी#गाय
दान एवं पुण्यकृष्णा गाय दान से वैतरणी पार होती है — इसका विस्तार क्या है?गरुड़ पुराण के आठवें अध्याय के अनुसार कृष्णा (काली) गाय का दान — जिसे 'वैतरणी गाय दान' कहते हैं — यमलोक-मार्ग पर वैतरणी नदी को पार कराता है। दान की गई गाय नदी के तट पर प्रकट होती है और जीव उसकी पूँछ पकड़कर पार होता है।#कृष्णा गाय#वैतरणी दान#गोदान