पितृलोक भुवर्लोक/चंद्रलोक में स्थित है (विष्णु पुराण)। गीता (9.25): पितृ-भक्त पितृलोक जाते हैं। गरुड़ पुराण अनुसार कर्मों के आधार पर प्राप्त होता है। श्राद्ध-तर्पण से पितरों को तृप्ति मिलती है। दक्षिण दिशा पितरों की।
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