96 मायाएं उन समस्त भ्रमों का प्रतीक हैं जो जीव को आत्मज्ञान से दूर रखती हैं। इनकी गहराई अथाह है — कोई सभी नहीं जान सकता। पृथ्वी पर भी इनका प्रभाव है।
स्रोत प्रश्न: बल असुर की 96 मायाओं का दार्शनिक महत्व क्या है? →सनातन धर्म के सभी प्रमुख शब्दों के क्या है।
सभी बल असुर सम्बन्धित प्रश्नोत्तर एक स्थान पर।