लोकद्वादश आदित्यों के नाम क्या हैं?द्वादश आदित्य हैं: इन्द्र, धाता, भग, पूषा, मित्र, वरुण, अर्यमा, विवस्वान, सविता, त्वष्टा, विष्णु और अंश।#द्वादश आदित्य नाम#इन्द्र#मित्र
गुप्त रुद्राक्ष प्रयोग१० मुखी रुद्राक्ष का देवता और मुख्य फल क्या है?१० मुखी रुद्राक्ष भगवान विष्णु का स्वरूप है, इसका मंत्र 'ॐ ह्रीं नमः' है और यह शांति प्रदान करता है।#10 मुखी#विष्णु#शांति
पौराणिक कथाएँघंटाकर्ण कौन थे और उन्होंने कानों में घंटे क्यों बाँधे थे?घंटाकर्ण शिव का परम भक्त पिशाच था जो विष्णु से घृणा करता था। विष्णु का नाम न सुनने के लिए कानों में घंटे लटकाए — नाम सुनते ही सिर हिलाता, घंटों की ध्वनि नाम को दबा देती। इसी से नाम 'घंटाकर्ण' पड़ा।#घंटाकर्ण#शिवगण#पिशाच
व्रत विधिअनंत चतुर्दशी पर अनंत धागा बांधने की विधि क्या है?अनंत धागा: हल्दी रंगा सूत/रेशम → 14 गाँठ (प्रति गाँठ 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय') → विष्णु पूजन → 'अनन्त संसारमहासमुद्रे...' मंत्र → पुरुष दाहिने, स्त्री बाएँ हाथ → 14 वर्ष व्रत → उद्यापन। 14 गाँठ = 14 भुवन।#अनंत चतुर्दशी#अनंत सूत्र#14 गाँठ
व्रत विधिअनंत चतुर्दशी व्रत की विधि क्या है?अनंत चतुर्दशी: भाद्रपद शुक्ल 14। विधि: 14 गाँठ पीला धागा (अनंत सूत्र) → शेषनाग/अनंत विष्णु पूजन → 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' → कथा श्रवण → सूत्र बंधन (पुरुष दाहिने, स्त्री बाएँ)। 14 वर्ष व्रत। गणेश विसर्जन दिवस।#अनंत चतुर्दशी#विष्णु#भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी
वेद एवं यज्ञयज्ञ में ब्रह्मा होता विष्णु और महेश्वर की भूमिका क्या हैदो सन्दर्भ: (1) ऋत्विज्: ब्रह्मा = यज्ञ अध्यक्ष (अथर्ववेद), होता = आह्वान (ऋग्वेद), अध्वर्यु = कर्म (यजुर्वेद), उद्गाता = गान (सामवेद)। (2) त्रिमूर्ति: ब्रह्मा = यज्ञ विधान रचना, विष्णु = 'यज्ञो वै विष्णुः' (शतपथ) — यज्ञ स्वरूप/फलदाता, शिव = अग्नि रूप शुद्धिकर्ता।#यज्ञ#त्रिमूर्ति#ब्रह्मा
विष्णु अस्त्र शस्त्रसुदर्शन चक्र क्या है?सुदर्शन चक्र विष्णु का गोलाकार, तेजोमय, धारदार और अचूक दिव्य अस्त्र है। यह निरंतर गतिशील रहता है, मन की गति से चलता है और लक्ष्य नष्ट करके वापस लौट आता है। इसके 12 अरे और 9 नाभियाँ हैं।#सुदर्शन चक्र#विष्णु#दिव्य अस्त्र