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महत्व

शक्ति का महत्व(3)

शक्ति का अर्थशक्ति क्या है?शक्ति का महत्व
सरल उत्तर

वेदों में तपस्या को सृष्टि का आदि-कारण माना गया है (ऋग्वेद 10/129)। अथर्ववेद (11/5/1) में ब्रह्मचर्य-तप से देवताओं ने मृत्यु पर विजय पाई। तैत्तिरीय उपनिषद (3/1) — 'तपो ब्रह्म' — तप ही ब्रह्म है।

स्रोत प्रश्न: वेदों में तपस्या का महत्व क्या है? →
आध्यात्मिक महत्व

तंत्र साधना का आध्यात्मिक महत्व क्या है?

तंत्र का आध्यात्मिक महत्व: देह = मंदिर (मोक्ष का साधन)। ब्रह्मांड = शक्ति — उसे जानना = मुक्ति। समावेशी: 'प्रत्येक में शिव।' स्त्री-शक्ति सम्मान। त्वरित मार्ग। कलियुग में क्रिया-प्रधान। कुलार्णव: 'तंत्रं मोक्षस्य साधनम्।'

#महत्व#देह-मंदिर#शक्ति
वेद ज्ञान

वेदों में तपस्या का महत्व क्या है?

वेदों में तपस्या को सृष्टि का आदि-कारण माना गया है (ऋग्वेद 10/129)। अथर्ववेद (11/5/1) में ब्रह्मचर्य-तप से देवताओं ने मृत्यु पर विजय पाई। तैत्तिरीय उपनिषद (3/1) — 'तपो ब्रह्म' — तप ही ब्रह्म है।

#तपस्या#वेद#तप
वेद ज्ञान

वेदों में मंत्रों का महत्व क्या है?

वेदों में मंत्र नाद-ब्रह्म का स्वरूप हैं — शाश्वत ध्वनि-शक्ति जो देवताओं को आकर्षित करती और चित्त को शुद्ध करती है। गायत्री मंत्र (ऋग्वेद 3/62/10) 'वेद-माता' है। ॐ ब्रह्मांड की आदि-ध्वनि और ब्रह्म का प्रथम प्रकटीकरण है।

#मंत्र#वेद#गायत्री
और महत्व
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