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नक्षत्र

ज्येष्ठा नक्षत्र — नक्षत्र — पूजा, मंत्र, उपाय प्रश्नोत्तर(3)

ज्येष्ठा नक्षत्र से जुड़े 3 प्रश्न — विधि, नियम, मंत्र, लाभ। शास्त्र-सम्मत व्याख्या एक स्थान पर।

परिचय और स्वरूप

माँ धूमावती को अलक्ष्मी या ज्येष्ठा क्यों कहते हैं?

माँ धूमावती = अलक्ष्मी (लक्ष्मी की विपरीत) और ज्येष्ठा (दुर्भाग्य की देवी)। लक्ष्मी = सौभाग्य-समृद्धि; धूमावती = दुर्भाग्य-अभाव-कुरूपता का प्रतिनिधित्व। सांसारिक मोह के त्याग का प्रतीक।

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क्षीरसागर मंथन

अलक्ष्मी (ज्येष्ठा) कौन हैं?

अलक्ष्मी (ज्येष्ठा) = दरिद्रता, कलह और दुर्भाग्य की अधिष्ठात्री। मलिन वस्त्र, लाल नेत्र, बूढ़ी, दंतहीन, भयंकर। मंथन में शुभ से पहले विकार-विष निकलते हैं — यह गहरा मनोवैज्ञानिक सत्य है।

#अलक्ष्मी#ज्येष्ठा#दरिद्रता
पंचांग एवं ज्योतिष

ज्येष्ठा नक्षत्र क्या होता है?

ज्येष्ठा 27 नक्षत्रों में अष्टादश। वृश्चिक 16°40'–30°। स्वामी बुध, देवता इन्द्र। प्रतीक छाता/वलय। शक्ति-नेतृत्व-शत्रु-विजय के लिए अनुकूल। जन्म में साहसी, नेतृत्व-कुशल, स्वाभिमानी।

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