ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
धर्मस्थल, कर्नाटक

धर्मस्थल — पंचांग

18 जनवरी 2027, सोमवार

सूर्योदय
06:55
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
14:01
चंद्रास्त
02:20
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जनवरी 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल दशमी
10:28 तक
अगली: शुक्ल एकादशी
प्रगति84%
नक्षत्र
कृत्तिका (2 पाद)
21:05 तक
अगली: रोहिणी
स्वामी: सूर्य
योग
शुभ
09:32 तक
अगला: शुक्ल
शुभ
करण
गर
10:28 तक
अगला: वणिज
शुभ
वार
सोमवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल दशमी· 10:28 तक
शुक्ल एकादशी
नक्षत्र
कृत्तिका · पद 2· 21:05 तक
रोहिणी
योग
शुभ· 09:32 तक
शुक्ल
करण
गर· 10:28 तक
वणिज
वार
सोमवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमकर
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा
पद3
देशांतर273°28'29"
चन्द्रमा
राशिवृषभ
नक्षत्रकृत्तिका
पद2
देशांतर31°30'35"

राशि

चंद्र राशि
वृषभ
सूर्य राशि
मकर

धर्मस्थल — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 — 06:07
प्रातः सन्ध्या
06:07 — 07:43
सूर्योदय
06:55
अभिजित मुहूर्त
12:15 — 13:03
अमृत कालविशेष
06:55 — 08:21
विजय मुहूर्त
16:05 — 16:51
गोधूलि मुहूर्त
17:59 — 18:47
सूर्यास्त
18:23
सायाह्न सन्ध्या
18:26 — 19:35
निशिता मुहूर्त
00:15 — 01:03
राहु काल
08:21 — 09:47
यमगंड काल
09:47 — 11:13
गुलिक काल
14:05 — 15:31
प्रथम दुर्मुहूर्त
11:13 — 11:56
द्वितीय दुर्मुहूर्त
14:05 — 14:48
चंद्रोदय
14:01
चंद्रास्त
02:20
मध्याह्न
12:39

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
माघ
चन्द्र माह (अमान्त)
माघ
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1948
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
कृत्तिका
नक्षत्र स्वामी
सूर्य
नक्षत्र देवता
अग्नि
सूर्य नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
पद 3स्वामी: सूर्य

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शिशिर
द्रिक ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 27 मिनट 51 सेकण्ड
28 घटी 40 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 32 मिनट 09 सेकण्ड
31 घटी 20 पल
मध्याह्न (सौर)
12:39
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 18 जनवरी 2027, सोमवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:5508:21
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
08:2109:47
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
09:4711:13
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
11:1312:39
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
12:3914:05
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
14:0515:31
चर
यात्रा, वाहन चालन
15:3116:57
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
16:5718:23
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

रात का चौघड़िया

18:2319:57
चर
यात्रा, वाहन चालन
19:5721:31
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
21:3123:05
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
23:0500:39
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
00:3902:13
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
02:1303:47
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
03:4705:21
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
05:2106:55
चर
यात्रा, वाहन चालन

धर्मस्थल पंचांग — जनवरी 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 18 जनवरी 2027, सोमवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

धर्मस्थल पंचांग — 18 जनवरी 2027, सोमवार

धर्मस्थल (कर्नाटक) के लिए 18 जनवरी 2027, सोमवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग धर्मस्थल के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मस्थल में 18 जनवरी 2027, सोमवार को सूर्योदय कब है?

धर्मस्थल में 18 जनवरी 2027, सोमवार को सूर्योदय 06:55 बजे और सूर्यास्त 18:23 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

धर्मस्थल में 18 जनवरी 2027, सोमवार को राहु काल कब है?

धर्मस्थल में 18 जनवरी 2027, सोमवार को राहु काल 08:21 से 09:47 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

धर्मस्थल में 18 जनवरी 2027, सोमवार को तिथि क्या है?

धर्मस्थल में 18 जनवरी 2027, सोमवार को शुक्ल दशमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।