ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
धर्मस्थल, कर्नाटक

धर्मस्थल — पंचांग

31 जनवरी 2027, रविवार

सूर्योदय
06:55
सूर्यास्त
18:29
चंद्रोदय
01:45
चंद्रास्त
13:18
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जनवरी 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण दशमी
00:00 तक
अगली: कृष्ण एकादशी
प्रगति1%
नक्षत्र
अनुराधा (1 पाद)
00:00 तक
अगली: ज्येष्ठा
स्वामी: शनि
योग
वृद्धि
16:17 तक
अगला: ध्रुव
शुभ
करण
वणिज
00:00 तक
अगला: विष्टि
शुभ
वार
रविवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण दशमी· 00:00 तक
कृष्ण एकादशी
नक्षत्र
अनुराधा · पद 1· 00:00 तक
ज्येष्ठा
योग
वृद्धि· 16:17 तक
ध्रुव
करण
वणिज· 00:00 तक
विष्टि
वार
रविवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमकर
नक्षत्रश्रवण
पद3
देशांतर286°41'32"
चन्द्रमा
राशिवृश्चिक
नक्षत्रअनुराधा
पद1
देशांतर214°50'44"

राशि

चंद्र राशि
वृश्चिक
सूर्य राशि
मकर

धर्मस्थल — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 — 06:07
प्रातः सन्ध्या
06:07 — 07:43
सूर्योदय
06:55
अभिजित मुहूर्त
12:18 — 13:06
अमृत कालविशेष
11:15 — 12:42
विजय मुहूर्त
16:10 — 16:56
गोधूलि मुहूर्त
18:05 — 18:53
सूर्यास्त
18:29
सायाह्न सन्ध्या
18:32 — 19:41
निशिता मुहूर्त
00:18 — 01:06
राहु काल
17:02 — 18:29
यमगंड काल
11:15 — 12:42
गुलिक काल
15:35 — 17:02
प्रथम दुर्मुहूर्त
11:15 — 11:59
द्वितीय दुर्मुहूर्त
17:46 — 18:29
चंद्रोदय
01:45
चंद्रास्त
13:18
मध्याह्न
12:42

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
फाल्गुन
चन्द्र माह (अमान्त)
माघ
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1948
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 1
अनुराधा
नक्षत्र स्वामी
शनि
नक्षत्र देवता
मित्र
सूर्य नक्षत्र
श्रवण
पद 3स्वामी: चंद्र

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शिशिर
द्रिक ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 34 मिनट 08 सेकण्ड
28 घटी 55 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 25 मिनट 52 सेकण्ड
31 घटी 5 पल
मध्याह्न (सौर)
12:42
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 31 जनवरी 2027, रविवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:5508:22
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
08:2209:48
चर
यात्रा, वाहन चालन
09:4811:15
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
11:1512:42
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
12:4214:09
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
14:0915:35
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
15:3517:02
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
17:0218:29
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

रात का चौघड़िया

18:2920:02
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
20:0221:35
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
21:3523:09
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
23:0900:42
चर
यात्रा, वाहन चालन
00:4202:15
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
02:1503:48
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
03:4805:22
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
05:2206:55
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

धर्मस्थल पंचांग — जनवरी 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 31 जनवरी 2027, रविवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

धर्मस्थल पंचांग — 31 जनवरी 2027, रविवार

धर्मस्थल (कर्नाटक) के लिए 31 जनवरी 2027, रविवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग धर्मस्थल के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मस्थल में 31 जनवरी 2027, रविवार को सूर्योदय कब है?

धर्मस्थल में 31 जनवरी 2027, रविवार को सूर्योदय 06:55 बजे और सूर्यास्त 18:29 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

धर्मस्थल में 31 जनवरी 2027, रविवार को राहु काल कब है?

धर्मस्थल में 31 जनवरी 2027, रविवार को राहु काल 17:02 से 18:29 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

धर्मस्थल में 31 जनवरी 2027, रविवार को तिथि क्या है?

धर्मस्थल में 31 जनवरी 2027, रविवार को कृष्ण दशमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।