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पर्व

चैत्र — पर्व सम्बन्धित प्रश्न(5)

चैत्र पर्व पर शास्त्रीय व्याख्या — विधि, कथा, मंत्र और महत्व — एक स्थान पर। कुल 5 प्रश्न उपलब्ध हैं।  अगली तिथि (अनुमानित): 19-03-2026

नवरात्रि

चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि में पूजा का क्या अंतर है?

चैत्र: वसंत, नववर्ष, सौम्य देवी, राम नवमी। शारदीय: शरद, उग्र देवी, दशहरा/रावण दहन, बंगाल दुर्गा पूजा। पूजा विधि समान — घटस्थापना, 9 दिन, सप्तशती।

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शुभ मुहूर्त

2026 में चैत्र नवरात्रि कलश स्थापना का मुहूर्त क्या है?

2026 चैत्र नवरात्रि: 19 मार्च (गुरुवार)। सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त: 06:52 से 07:43 (मीन लग्न + शुद्ध प्रतिपदा)। अभिजित मुहूर्त: 12:05 से 12:53। राहुकाल: 14:48 से 16:18 (वर्जित)। 06:52 से पहले अमावस्या प्रभाव — उससे पहले न करें।

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नवरात्रि और कलश स्थापना परिचय

चैत्र नवरात्रि का क्या महत्व है?

चैत्र नवरात्रि का महत्व: (1) इसी दिन हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत्) शुरू होता है, (2) ऋतु-परिवर्तन और नव-सृजन का काल, (3) ब्रह्मांडीय शक्तियों के जागरण का समय, (4) शक्ति-उपासना और कलश स्थापना का पावन अवसर।

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नवरात्रि और कलश स्थापना परिचय

चैत्र नवरात्रि कब शुरू होती है?

चैत्र नवरात्रि = चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ। इसी दिन हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत्) का भी शुभारंभ होता है। वर्ष 2026 में: गुरुवार, 19 मार्च।

#चैत्र नवरात्रि#चैत्र शुक्ल प्रतिपदा#हिंदू नववर्ष
त्योहार पूजा

चैत्र नवरात्रि में विशेष पूजा कैसे करें?

चैत्र नवरात्रि: कलश स्थापना → 9 दिन नव दुर्गा पूजन (शैलपुत्री से सिद्धिदात्री) → दुर्गा सप्तशती पाठ → नवार्ण मंत्र → अष्टमी हवन + कन्या पूजन → रामनवमी (नवमी) → विसर्जन। हिन्दू नववर्ष। ऋतु शुद्धि।

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चैत्र — पर्व प्रश्नोत्तर — 5 प्रश्न