विस्तृत उत्तर
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होने वाली वासंतिक या चैत्र नवरात्रि का विशेष और युगान्तकारी महत्व है, क्योंकि इसी पवित्र दिन से हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत्) का भी शुभारंभ होता है।
यह कालखंड प्रकृति में ऋतु-परिवर्तन, नव-सृजन और ब्रह्मांडीय शक्तियों के जागरण का समय होता है। शक्ति-उपासना के इस पावन अवसर पर अनुष्ठान का सर्वाधिक महत्वपूर्ण, आधारभूत और रहस्यमयी कर्म 'कलश स्थापना' या 'घटस्थापना' है।




