शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ अरविन्दपदद्वन्द्वायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके दोनों चरण कमल (अरविन्द) के समान हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
चरण-कमलों में मति का स्थिर होना
विस्तृत लाभ
चरण-कमलों में मति का स्थिर होना।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
जामदग्न्यः परं यस्य दैवतं भृत्यवत्सलः। नित्यं परश्वधभृतः कवचस्यास्य धारणात्॥
अहमेव वात इव प्र वाम्यारभमाणा भुवनानि विश्वा। परो दिवा पर एना पृथिव्यैतावती महिना सम्बभूव॥
ॐ परात्पराय नमः
ॐ नन्दव्रजजनानन्दिने नमः
ॐ श्रीहरिप्रियायै नमः
सद्योजातं प्रपद्यामि सद्योजाताय वै नमो नमः। भवे भवे नातिभवे भवस्व मां भवोद्भवाय नमः॥