शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ प्राज्ञाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपज्ञान स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो युद्ध और ज्ञान दोनों में परम बुद्धिमान (प्राज्ञ) हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
घोर संकट के समय उचित निर्णय लेने के लिए कुशाग्र बुद्धि की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
घोर संकट के समय उचित निर्णय लेने के लिए कुशाग्र बुद्धि की प्राप्ति।
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ॐ ज्ञानदीपाय नमः
कैलासशिखरे रम्ये शंकरं लोकशंकरम्। पार्वत्युवाच- त्वत्तः श्रुतान्यशेषाणि जामदग्न्यस्य साम्प्रतम्॥
ॐ मथुरानाथाय नमः
क्लीं रामाय नमः
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम्। सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥
दुर्गे देवि नमस्तुभ्यं सर्वकामार्थसाधिके। मम सिद्धिमसिद्धिं वा स्वप्ने सर्वं प्रदर्शय॥