भैरव मंत्र
ॐ सर्वयन्त्रविदारणाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो शत्रुओं द्वारा स्थापित सभी मारक यंत्रों को विदीर्ण कर देते हैं, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
शत्रु के मारण, मोहन, उच्चाटन और वशीकरण यंत्रों का प्रभाव शून्य करना
विस्तृत लाभ
शत्रु के मारण, मोहन, उच्चाटन और वशीकरण यंत्रों का प्रभाव शून्य करना।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
खों खं खं फट् प्राण-ग्रासी प्राण-ग्रासी हुं फट् सर्वशत्रुसंहारणां शरभशालुवाय पक्षिराजाय हुं फट् स्वाहा।
ॐ कृष्णानन्दविवर्धिन्यै नमः
ॐ शिरो मे विष्णुपत्नी च ललाटं अमृतोद्भवा। चक्षुषी सुविशालाक्षी श्रवणे सागरम्बुजा॥
ॐ मृगपाणये नमः
पंचास्यमच्युतमनेकविचित्रवीर्यं श्रीशंखचक्ररमणीयभुजाग्रदेशम्। पीताम्बरं मकरकुण्डलनूपुराङ्गं ध्यायेतितं कपिवरं हृदि भावयामि॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये द्वादशादित्याः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः