ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

सुब्रह्मण्य बीजात्मक मूल मंत्र

ॐ सौं शरवणभवाय स्वाहा

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपसुब्रह्मण्य / षण्मुख
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

'सौं' (पराशक्ति बीज) से युक्त, शरवण में जन्मे भगवान को मैं अपना सर्वस्व आहुत करता हूँ।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

शत्रु-विजय, अकाल मृत्यु निवारण

विस्तृत लाभ

शत्रु-विजय, अकाल मृत्यु निवारण।

जप काल

स्कंद षष्ठी पर लाल वस्त्र धारण कर अनुष्ठान।

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