शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ शर्वाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
प्रलय के समय समस्त जगत के संहारक
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आंतरिक और बाहरी शत्रुओं का नाश
विस्तृत लाभ
आंतरिक और बाहरी शत्रुओं का नाश 81
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ उग्र (अहोबिल) नरसिंहाय नमः
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥ वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा। वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥
ॐ सनातनाय नमः
ॐ यश्छन्दसामृषभो विश्वरूपः। छन्दोभ्योऽध्यमृतात्सम्बभूव। स मेन्द्रो मेधया स्पृणोतु। अमृतस्य देव धारणो भूयासम्॥
ॐ विराजे नमः।
ॐ सौम्याय नमः