शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव-शक्त्यात्मक (कुंजिका) मंत्र
ॐ भं भं भं भैरवी भद्रे भवान्यै ते नमो नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारकुंजिका स्तोत्र मंत्र |
स्वरूपभैरवी
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शिव और शक्ति की युति का अनुभव, तीव्र तांत्रिक ऊर्जा का संचार
विस्तृत लाभ
शिव और शक्ति की युति का अनुभव, तीव्र तांत्रिक ऊर्जा का संचार 14।
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ॐ परमात्मने नमः
ॐ कामपाशविमोचिन्यै नमः
ॐ मेधा देवी जुषमाणा न आगाद्विश्वाची भद्रा सुमनस्यमाना। त्वया जुष्टा नुदमाना दुरुक्तान बृहद्वदेम विदथे सुवीराः॥
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं ज्येष्ठ लक्ष्मी स्वयम्भुवे ह्रीं ज्येष्ठायै नमः।
ॐ दैत्यकार्यविघातकाय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये देवीसरस्वती तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः