शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विपत्ति नाशक शक्तिशाली मंत्र
रक्षांसि यत्रोग्रविषाश्च नागा यत्रारयो दस्युबलानि यत्र। दावानलो यत्र तथाब्धिमध्ये तत्र स्थिता त्वं परिपासि विश्वम्॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
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चोर-डाकुओं, हिंसक पशुओं, अग्नि और जल के बीच फंसे होने पर रक्षा
विस्तृत लाभ
चोर-डाकुओं, हिंसक पशुओं, अग्नि और जल के बीच फंसे होने पर रक्षा।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये पञ्चाग्निः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ विष्णवे नमः
वागीशा यस्य वदने लक्ष्मीर्यस्य च वक्षसि। यस्यास्ते हृदये संवित् तं नृसिंहमहं भजे॥
त्वं ब्रह्मा त्वं विष्णुस्त्वं रुद्रस्त्वमिन्द्रस्त्वमग्निस्त्वं वायुस्त्वं सूर्यस्त्वं चन्द्रमास्त्वं ब्रह्मभूर्भुवःस्वरोम् ॥
ॐ अनुकम्पाप्रदायै राधायै नमः
ॐ प्राज्ञाय नमः