दरिद्रता नाशक (स्वप्न सिद्धि) मंत्र
दुर्गे देवि नमस्तुभ्यं सर्वकामार्थसाधिके। मम सिद्धिमसिद्धिं वा स्वप्ने सर्वं प्रदर्शय॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
इस मंत्र का अर्थ
हे सभी कामनाओं और अर्थ को सिद्ध करने वाली दुर्गे देवी! आपको नमस्कार है। मेरा कार्य सिद्ध होगा या नहीं, यह सब मुझे स्वप्न में प्रदर्शित करें।
इस मंत्र से क्या होगा?
भविष्य का ज्ञान, स्वप्न के माध्यम से कार्य-सिद्धि या असिद्धि का संकेत प्राप्त करना
विस्तृत लाभ
भविष्य का ज्ञान, स्वप्न के माध्यम से कार्य-सिद्धि या असिद्धि का संकेत प्राप्त करना 36।
जप काल
रात्रि शयन से पूर्व हाथ-पैर धोकर 108 बार जप कर सोएं।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
मखेश्वरि क्रियेश्वरि स्वधेश्वरि सुरेश्वरि त्रिवेदभारतीश्वरि प्रमाणशासनेश्वरि। रमेश्वरि क्षमेश्वरि प्रमोदकाननेश्वरि व्रजेश्वरि व्रजाधिपे श्रीराधिके नमोऽस्तु ते॥
ॐ कमनीयाय नमः।
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय पूर्व कपि मुखे। सकल शत्रु संहारणाय स्वाहा॥
सीसं च मे त्रपु च मे श्यामं च मे लोहं च मे...
ॐ क्षत्रवट नरसिंहाय नमः
ॐ वत्सवाटचराय नमः