शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ नखान् चन्द्रमुखी पातु।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकाररक्षा कवच मंत्र;
स्वरूपचन्द्रमुखी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
चन्द्रमुखी मेरे नखों की रक्षा करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अंग: नखों (Nails) की रक्षा
विस्तृत लाभ
अंग: नखों (Nails) की रक्षा।
टिप्पणी
इस कवच के मंत्रों को न्यास (शरीर के अंगों को स्पर्श करते हुए) के रूप में जपा जाता है।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ मेधा देवी जुषमाणा न आगाद्विश्वाची भद्रा सुमनस्यमाना। त्वया जुष्टा नुदमाना दुरुक्तान बृहद्वदेम विदथे सुवीराः॥
ॐ नमो आदेश गुरु को, सोने का कड़ा, तांबे का कड़ा, हनुमान वनगरेया सजे मोंढे आन खड़ा। शब्द सांचा पिंड काचा, फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।
ॐ सत्यव्रताय नमः
ॐ कुञ्जरासुरभञ्जनाय नमः
ॐ बिल्वनिलयायै नमः
ॐ कदलीपुष्पसम्प्रीतायै नमः