शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ वाग्मिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपवाक्-सिद्ध
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो श्रेष्ठ वक्ता हैं और जिनकी वाणी सदैव सत्य होती है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
श्रेष्ठ वाणी
विस्तृत लाभ
श्रेष्ठ वाणी
जप काल
भाषण से पूर्व
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ जलक्रीडासमासक्तगोपीवस्त्रापहारकाय नमः
ॐ ग्रामवासाय नमः
ॐ अच्युताय नमः
ॐ शिरो मे विष्णुपत्नी च ललाटं अमृतोद्भवा। चक्षुषी सुविशालाक्षी श्रवणे सागरम्बुजा॥
ॐ भैरवीनाथाय नमः।
त्वं गुणत्रयातीतः ॥ त्वं देहत्रयातीतः ॥ त्वं कालत्रयातीतः ॥ त्वं मूलाधारस्थितोऽसि नित्यम् ॥ त्वं शक्तित्रयात्मकः ॥ त्वां योगिनो ध्यायन्ति नित्यम् ॥