शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ भक्तवत्सलाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवत्सल
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भक्तों से वात्सल्य प्रेम करने वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
एकाकीपन का नाश व ईश्वरीय सान्निध्य
विस्तृत लाभ
एकाकीपन का नाश व ईश्वरीय सान्निध्य।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ स्वाहायै नमः
मदोन्मदातियौवने प्रमोदमानमण्डिते प्रियानुरागरञ्जिते कलाविलासपण्डिते। अनन्यधन्यकुञ्जराज्यकामकेलिकोविदे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ स्थाणवे नमः
ज्ञानं देहि स्मृतिं देहि विद्यां देहि देवते। प्रतिष्ठां कवितां देहि शक्तिं शिष्यप्रबोधिकाम्॥
बिभ्राणः शुक बीजपूर कमलं माणिक्यकुम्भं अङ्कुशं पाशं कल्पलतां च खड्ग विलसत् ज्योतिः सुधानिर्झरः । श्यामेनात्त सरोरुहेण सहितो देवीद्वयेनान्तिके गौराङ्गो वरदान हस्त कमलो लक्ष्मीगणेशोऽवतात् ॥
ॐ द्वारकानायकाय नमः