शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ हरये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपरक्षक रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो भक्तों के दुखों को हर लेते हैं, उन श्री हरि को नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन के समस्त प्रकार के शोकों, अवसाद और पीड़ाओं का निवारण
विस्तृत लाभ
जीवन के समस्त प्रकार के शोकों, अवसाद और पीड़ाओं का निवारण।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
देवीं सरस्वतीं सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिः॥ सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं॥ वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिर्वाजेभिर्वाजिनीवतीं। वाजिनीवतीति वाजिनी-वती॥
ॐ स्ह्क्ल्रीं हं नमः।
ॐ जानुदेशं जया पातु।
ॐ श्रीं महा कालिकायै नमः
ॐ परब्रह्मणे नमः
ॐ अनघाय नमः