शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ प्रभवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपरम प्रभु
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
परम प्रभु और स्वामी को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समाज में प्रभुत्व व प्रशासनिक सफलता
विस्तृत लाभ
समाज में प्रभुत्व व प्रशासनिक सफलता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं रां रामाय नमः
ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा ॥
ॐ विधात्रे नमः
न श्रुतं कवचं देव न चोक्तं भवता मम। इति पृष्टः स गिरिशो मन्त्रयन्त्राङ्गतत्त्ववित्॥
ॐ योषितकामाय नमः।
ॐ ह्रीं विद्यास्वरूपायै स्वाहा मे पातु नाभिकाम्। (स्वरूप: विद्यास्वरूपा | लाभ: नाभि, मणिपूर चक्र और नाद के उद्गम स्थान 'पश्यन्ती' वाक् की रक्षा | अर्थ: विद्यास्वरूपा मेरी नाभि की रक्षा करें) 8