शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
ॐ राधाकृष्णभ्यां नमः
ॐ राधाकृष्णभ्यां नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारराधा-कृष्ण प्रणव मन्त्र / युगल नाम मन्त्र
स्वरूपगोलोक-विहारी राधा-कृष्ण
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ॐ, श्री राधा और श्री कृष्ण दोनों को सम्मिलित रूप से मेरा नमस्कार है 38।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दाम्पत्य सुख, प्रेम-लक्षणा भक्ति और गोलोक धाम की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
दाम्पत्य सुख, प्रेम-लक्षणा भक्ति और गोलोक धाम की प्राप्ति 38।
जप काल
नित्य पूजा के समय युगल-स्वरूप के सम्मुख।
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ॐ काञ्चनाद्रीकृतागारायै नमः
वामदेवाय नमो ज्येष्ठाय नमः श्रेष्ठाय नमो रुद्राय नमः कालाय नमः कलविकरणाय नमो बलविकरणाय नमो बलाय नमो बलप्रमथनाय नमः सर्वभूतदमनाय नमो मनोन्मनाय नमः॥
ॐ ऐं श्रीं ह्रीं क्लीं नमः।
ॐ निर्गुणाय नमः
महेन्द्रे वै गिरिश्रेष्ठे रामं नित्यम् उपासते। ऋषयो वेदविदुषो गन्धर्वाप्सरसस्तथा॥
तब जनक पाइ बसिष्ठ आयसु ब्याह साजि सँवारि कै। मांडवी श्रुतकीरति उरमिला कुँअरि लईं हँकारि कै॥