शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ क्लीं ॐ श्रीं विजय लक्ष्म्यै नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपविजय (जय) लक्ष्मी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सर्वत्र विजय दिलाने वाली विजय-लक्ष्मी को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मुकदमों में जीत, प्रतिस्पर्धा में विजय, सकारात्मकता
विस्तृत लाभ
मुकदमों में जीत, प्रतिस्पर्धा में विजय, सकारात्मकता 12।
जप काल
किसी भी महत्वपूर्ण कार्य या परीक्षा में जाने से पूर्व।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥
ॐ कमलजायै नमः
ॐ अग्राह्याय नमः
ॐ अधरं गोपिका पातु।
ॐ धरणीपालकाय नमः
ॐ सुन्दराय नमः