ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

माँ लक्ष्मी मंत्र

या या मनसि वै यस्य विभूतिः प्रतिभाति च। तां तां ददाति तस्याशु धनधान्यगवादिकाम्॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारपाञ्चरात्र फलश्रुति मंत्र (श्लोक-मंत्र)
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

साधक के मन में जिस-जिस विभूति की इच्छा उत्पन्न होती है, देवी शीघ्र ही उसे वह धन, धान्य और गोधन प्रदान करती हैं।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

जो भी ऐश्वर्य मन में कल्पित किया जाए, उसकी तत्काल प्राप्ति

विस्तृत लाभ

जो भी ऐश्वर्य मन में कल्पित किया जाए, उसकी तत्काल प्राप्ति 39।

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