शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ कविमाधवाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपलक्ष्मीपति रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो रसिक (कवि) और माता लक्ष्मी के पति (माधव) हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कला, साहित्य, और प्रेम-प्रसंगों में ईश्वरीय आशीर्वाद और सफलता
विस्तृत लाभ
कला, साहित्य, और प्रेम-प्रसंगों में ईश्वरीय आशीर्वाद और सफलता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी। तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम्॥
ॐ कुलीनार्तिनाशिन्यै नमः
ॐ जगद्गुरवे नमः
श्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा वक्षः सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: हृदय व वक्ष-स्थल की रक्षा | अर्थ: विद्या देवी मेरे वक्ष की रक्षा करें) 8
ॐ पुरुषाय नमः
ॐ विनायकाय नमः