शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ सर्वविद्याधिपः पातु नृसिंहो रसनां मम
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपजिह्वा (वाणी) / ज्ञान स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सर्वविद्या के अधिपति मेरी जिह्वा की रक्षा करें। (वाक्-सिद्धि एवं सत्य-वचन की प्राप्ति)।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पुण्योदयाय नमः
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥ वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा। वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥
ॐ पूर्णायै नमः
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महामीनाय धीमहि तन्नो मत्स्यः प्रचोदयात्।
ॐ कपालमालिने नमः।
ॐ महा काल्यै च विद्महे श्मशान वासिन्यै च धीमहि तन्नो काली प्रचोदयात