शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ जगज्जीवाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपप्राण-तत्त्व
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सम्पूर्ण जगत के जीवन-स्वरूप को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
गम्भीर रोगों से मुक्ति
विस्तृत लाभ
गम्भीर रोगों से मुक्ति
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ प्रकृत्यै नमः
ॐ सुरराज्यप्रदः पातु पादौ मे नृहरीश्वरः
बालग्रहाभिभूतानां बालानां शान्तिकारकम्। सङ्घातभेदे च नृणां मैत्रीकरणमुत्तमम्॥ 17
ॐ अशोकायै नमः
ऐं ह्रीं श्रीं क्रौं हौं ह्रूं क्षूं त्रिकालाग्नि भैरवाय क्षूं ह्रूं हौं क्रौं श्रीं ह्रीं ऐं नमः।
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये जननमरणतारकः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः