शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ कीर्तिदायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो कीर्ति प्रदान करती हैं (अथवा कीर्तिदा की पुत्री)।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
यश और सुकीर्ति का फैलाव
विस्तृत लाभ
यश और सुकीर्ति का फैलाव।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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ॐ मोरेश्वराय नमः (अथवा ॐ मयूरेश्वराय नमः)
कराभ्यां परशुं चापं दधानं रेणुकात्मजं। जामदग्न्यं भजे रामं भार्गवं क्षत्रियान्तकं॥
ॐ अनघाय नमः
या श्रीः स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मीः पापात्मनां कृतधियां हृदयेषु बुद्धिः। श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा तां त्वां नताः स्म परिपालय देवि विश्वम्॥ 18
ॐ वृषभारूढाय नमः
ॐ सहस्रशीर्षा पुरुषः पातु मे सर्वशस्तनुम्