श्री राधा मंत्र
ॐ महालक्ष्म्यै नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
भगवती महालक्ष्मी को नमन।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीर बाजे श्रृंगी बाजे तुरतुरी आया गोरखनाथ मीन का पूत मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यती हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।
ॐ नमो भगवते संहार भैरवाय भूत प्रेत पिशाच ब्रह्म राक्षसान् उच्चाटय उच्चाटय संहारय संहारय सर्व भय छेदनं कुरु कुरु स्वाहा।
देवीं सरस्वतीं सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिः॥ सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं॥ वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिर्वाजेभिर्वाजिनीवतीं। वाजिनीवतीति वाजिनी-वती॥
ॐ सर्वजनेश्वर्यै नमः
ज्ञानशक्तिधरः स्कन्दः वल्लीकल्याणसुन्दरः । देवसेनामनःकान्तः कार्तिकेयो नमोऽस्तु ते ॥
ॐ शीघ्रकारिणे नमः