शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ पिङ्गरोम्णे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारविशिष्ट सहस्रनाम-मंत्र (Specific Sahasranama Mantras)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके शरीर के रोम (बाल) अत्यंत सुंदर भूरे वर्ण के हैं।
जप काल
रुद्राक्ष माला से मंगलवार का उपवास रखते हुए अभीष्ट सिद्धि हेतु।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शक्तिधराय नमः
ॐ इन्दुमुख्यै नमः
ॐ त्रिलोकपालाय नमः।
व्यक्ताव्यक्तगिरः सर्वे वेदाद्या व्याहरन्ति याम्। सर्वकामदुघा धेनुः सा मां पातु सरस्वती॥ सौः देवीं वाचमजनयन्त देवास्ता विश्वरूपाः पशवो वदन्ति। सा नो मन्द्रेषमूर्जं दुहाना धेनुर्वागस्मानुपसुष्टुतैतु॥
ॐ गोपीवल्लभाय विद्महे तन्नो कृष्णः प्रचोदयात्।
ॐ लोकशोकविनाशिन्यै नमः