शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शारदा वंदना (विद्यारम्भ)
सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि। विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारश्लोक मन्त्र
स्वरूपकामरूपिणी (इच्छा पूर्ण करने वाली)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे वरदायिनी, कामरूपिणी सरस्वती, आपको नमस्कार है। मैं विद्या का आरंभ करने जा रहा हूँ, मुझे सदा सफलता प्राप्त हो।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अध्ययन के आरंभ में सफलता और एकाग्रता
विस्तृत लाभ
अध्ययन के आरंभ में सफलता और एकाग्रता।
जप काल
नित्य स्कूल/कॉलेज या अध्ययन शुरू करने से ठीक पहले।
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