असितांग भैरव मंत्रअसितांग भैरव के ध्यान श्लोक का क्या अर्थ है?
ध्यान श्लोक का अर्थ: रक्त ज्वाला जटा, तेजस्वी, शूल-कपाल-पाश-डमरू धारी, श्वान वाहन, त्रिनेत्र, क्षेत्रस्य पालम् — वे साधक के परिवेश और शरीर की रक्षा करते हैं।
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