मंत्र साधनागायत्री मंत्र के 24 अक्षर और अर्थगायत्री मंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः...) का अर्थ है: हम उस सर्वश्रेष्ठ, पापनाशक, तेजस्वी परमात्मा का ध्यान करते हैं। वह दिव्य शक्ति हमारी बुद्धि को सन्मार्ग (सत्य) की ओर प्रेरित करे।#गायत्री मंत्र#24 अक्षर#अर्थ
मंत्र साधनामंत्र जप करते समय माला अपने आप तेज घूमने लगे तो क्या अर्थ हैमाला तेज घूमना: (1) अजपा जप — मंत्र स्वतः चलने लगा = ध्यान गहनता। (2) मन एकाग्र — शरीर स्वचालित। (3) प्राणशक्ति प्रवाह। (4) मंत्र चैतन्य = सिद्धि दिशा। रुकें नहीं, उच्चारण स्पष्ट रखें। गोपनीय। गुणवत्ता > गति — अशुद्ध जल्दी वर्जित।#मंत्र जप#माला#तेज गति
मंत्र साधनामंत्र जप के दौरान अचानक खुशबू आने का क्या अर्थ हैजप में खुशबू: अत्यन्त शुभ। (1) देवता उपस्थिति/कृपा। (2) मंत्र सिद्धि संकेत (तंत्र शास्त्र)। (3) अनाहत/विशुद्ध चक्र जागृति। (4) सूक्ष्म शरीर शुद्धि। गोपनीय रखें, अहंकार न करें, साधना जारी, गुरु को बताएँ। बाह्य कारण भी जाँचें।#मंत्र जप#खुशबू#दिव्य गन्ध