मंत्र साधनामहामृत्युंजय मंत्र का संपुट पाठ कैसे करेंगंभीर रोगों के निवारण हेतु मूल मंत्र के आगे और पीछे 'ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः' बीजाक्षरों का संपुट लगाकर रुद्राक्ष माला से जप करना महामृत्युंजय संपुट पाठ कहलाता है।#महामृत्युंजय#संपुट पाठ#रोग निवारण
मंत्र साधनाकुबेर अष्टलक्ष्मी मंत्र से धन वृद्धि कैसे करेंकुबेर (धन रक्षक) और अष्टलक्ष्मी (धन रचयिता) के संयुक्त मंत्र का उत्तर दिशा की ओर मुख करके कमल गट्टे की माला से जप करने पर धन का आना और टिकना दोनों सुनिश्चित होता है।#कुबेर#अष्टलक्ष्मी#धन वृद्धि
मंत्र साधनालक्ष्मी जी का 'ह्रीं' बीज मंत्र सिद्ध करने की विधि'ह्रीं' माया और ऐश्वर्य का बीज है। इसे सिद्ध करने के लिए शुक्रवार की रात को उत्तर मुख होकर कमल गट्टे की माला से 'ॐ ह्रीं महालक्ष्म्यै नमः' का जप करना चाहिए।#लक्ष्मी#बीज मंत्र#ह्रीं
मंत्र साधनाशिव पंचाक्षर मंत्र का 1 लाख जप कैसे करेंसंकल्प लेकर 40 या निर्धारित दिनों में रुद्राक्ष माला से प्रतिदिन निश्चित संख्या में जप करें। पूर्ण होने पर दशांश हवन, तर्पण और ब्राह्मण भोजन से अनुष्ठान सिद्ध होता है।#शिव पंचाक्षर#अनुष्ठान#1 लाख जप
मंत्र साधनानवार्ण मंत्र सिद्ध करने का तरीकानवार्ण मंत्र ('ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे') को सिद्ध करने के लिए नवरात्रि के नौ दिनों में पूर्ण ब्रह्मचर्य के साथ लाल आसन पर सवा लाख जप कर अंत में दशांश हवन करना चाहिए।#नवार्ण मंत्र#दुर्गा#सिद्धि
मंत्र साधनाशाबर मंत्र सिद्ध करने की विधिशाबर मंत्र स्वयं सिद्ध होते हैं। ग्रहण, दीपावली या महाशिवरात्रि की रात को एकांत में दीपक जलाकर पूर्ण विश्वास और बिना किसी संशय के 108 या 1008 बार जपने से ये तुरंत जाग्रत हो जाते हैं।#शाबर मंत्र#सिद्धि#नाथ संप्रदाय
मंत्र साधनामंत्रों के द्वारा जल को अभिमंत्रित करने का तरीकातांबे के पात्र में जल रखकर, उसे दाएं हाथ से ढककर गायत्री या महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार उच्चारण करने से जल मंत्र की ऊर्जा सोखकर एक शक्तिशाली औषधि (अभिमंत्रित जल) बन जाता है।#अभिमंत्रित जल#चिकित्सा#मंत्र विज्ञान
मंत्र साधनाशाबर मंत्रों को सिद्ध करने की सरल विधिशाबर मंत्र स्वयं सिद्ध होते हैं। ग्रहण, होली या दीपावली की रात को एकांत में तेल का दीपक जलाकर पूर्ण विश्वास के साथ 108 या 1008 बार जपने से ये तुरंत सिद्ध हो जाते हैं।#शाबर मंत्र#गोरखनाथ#सिद्धि
मंत्र साधनासंतान प्राप्ति के लिए संतान गोपाल मंत्र विधिसंतान प्राप्ति के लिए पति-पत्नी को बाल गोपाल की प्रतिमा के समक्ष 'ॐ देवकीसुत गोविन्द...' मंत्र का तुलसी की माला से संकल्पित जप करना चाहिए।#संतान#गोपाल मंत्र#कृष्ण
मंत्र साधनासाबर मंत्र सिद्ध करने का तरीकासाबर मंत्र क्षेत्रीय भाषाओं के स्वयं सिद्ध मंत्र हैं। इन्हें जाग्रत करने के लिए ग्रहण, होली या दिवाली की रात को पूर्ण विश्वास के साथ 108 या 1080 बार जपा जाता है।#साबर मंत्र#नाथ संप्रदाय#सिद्धि विधि
मंत्र साधनामहामृत्युंजय मंत्र जप की गुप्त विधिमूल मंत्र के आगे-पीछे 'ॐ हौं जूं सः...' बीज अक्षरों का संपुट लगाना और भगवान शिव से अमृत वर्षा का ध्यान करते हुए रुद्राक्ष माला से जप करना इसकी गुप्त विधि है।#महामृत्युंजय#संपुट विधि#रोग निवारण
मंत्र साधनागायत्री मंत्र को मन में कैसे जपेंहोठ और जीभ को बिना हिलाए, आज्ञा चक्र पर सूर्य के प्रकाश का ध्यान करते हुए अर्थ की भावना के साथ मंत्र का स्मरण करना ही गायत्री मंत्र का मानसिक जप है।#गायत्री मंत्र#मानसिक जप#आज्ञा चक्र
मंत्र साधनामंत्र जप में अंगुलियों से गिनती करने का क्या विधान है?करमाला: दाहिने हाथ अंगूठे से अंगुलियों के फलांग गिनें। 4 अंगुली × 3 फलांग = 12/चक्र। 12 × 9 = 108 (माला)। तर्जनी वर्जित (कुछ शास्त्रों में)। बायें हाथ से माला गिनती। गोपनीय जप में उत्तम। माला = करमाला = समान फल।#अंगुली गिनती#करमाला#जप विधि
मंत्र साधनामंत्र जप में पूजा स्थल की शुद्धि कैसे करें?पूजा स्थल शुद्धि: सफाई → गंगाजल छिड़काव → गोमय लेपन (उत्तम) → गुग्गुल/कपूर धूप → 'ॐ अपवित्रः पवित्रो वा...' मंत्र → शंख जल/ध्वनि। चमड़ा-जूते दूर। नियमित सफाई। वातावरण सात्त्विक बनाएँ।#पूजा स्थल#शुद्धि#गंगाजल
मंत्र साधनामंत्र जप से पहले आसन शुद्धि कैसे करें?आसन शुद्धि: स्वच्छ शांत स्थान → गंगाजल/गोमूत्र छिड़काव → कुश/ऊनी/रेशमी आसन → 'ॐ पृथ्वि त्वया धृता लोका...' मंत्र → 3 बार जल छिड़क → अक्षत रखें। कुश=ग्रह शांति, ऊनी=ध्यान, रेशम=सिद्धि। व्यक्तिगत, निश्चित आसन।#आसन शुद्धि#पूजा आसन#कुश
मंत्र साधनामंत्र जप से पहले आचमन करने का क्या नियम हैआचमन: पूर्व/उत्तर मुख → दाहिने हाथ (ब्रह्मतीर्थ) में जल → 3 बार पिएँ: 'ॐ केशवाय नमः', 'ॐ नारायणाय नमः', 'ॐ माधवाय नमः' → ओठ पोंछें। बैठकर, दाहिने हाथ से, शुद्ध जल। मंत्र जप/पूजा/भोजन/शौच बाद अनिवार्य। बिना शुद्धि = जप अप्रभावी।#आचमन#मंत्र जप#शुद्धि