विस्तृत उत्तर
माला उपलब्ध न हो तो अंगुलियों से मंत्र गिनती (करमाला/कर जप) का विधान है:
करमाला विधि
- 1दाहिने हाथ की अंगुलियाँ: अंगूठे को छोड़कर शेष चार अंगुलियों की फलांगों (phalanges) पर गिनती करें। प्रत्येक अंगुली में 3 फलांग = 4 अंगुली × 3 = 12 गिनती एक चक्र।
- 1गिनती क्रम: कनिष्ठिका (छोटी अंगुली) के ऊपरी फलांग से आरम्भ → नीचे → अनामिका ऊपर → नीचे → मध्यमा ऊपर → नीचे → तर्जनी ऊपर → नीचे = 12 गिनती। (कुछ परम्पराओं में तर्जनी वर्जित — केवल 3 अंगुली × 3 = 9 गिनती एक चक्र।)
- 1108 पूर्ण करना: 12 × 9 = 108 (एक माला)। अंगूठे से फलांग छूते जाएँ।
- 1बायाँ हाथ: कुल मालाओं की गिनती बायें हाथ की अंगुलियों पर रखें।
विशेष नियम
- ▸तर्जनी (इंडेक्स फिंगर) को कई शास्त्रों में वर्जित माना गया है — 'तर्जनी शत्रुनाशिनी' किन्तु जप में अशुभ।
- ▸अंगूठा = ब्रह्म तत्व — इससे अंगुलियों के फलांग स्पर्श करें।
- ▸करमाला = गोपनीय जप में उत्तम — किसी को पता नहीं चलता कि जप हो रहा है।
माला vs करमाला: माला = गृहस्थ/सामान्य जप में उत्तम। करमाला = यात्रा, गुप्त जप, माला न हो तब। दोनों समान फलदायी।





