महिला एवं धर्ममासिक धर्म में मंत्र जप करना चाहिए या नहीं विस्तारमानसिक जप=सदैव अनुमत ✅। ध्यान/प्राणायाम=हाँ ✅। ऊंचा जप/स्पर्श=कुल अनुसार। कामाख्या=मासिक पवित्र। अपराधबोध न रखें — प्राकृतिक प्रक्रिया। भक्ति=हृदय से।#मासिक धर्म#मंत्र#जप
महिला एवं धर्ममहिलाएं वेद मंत्र पढ़ सकती हैं शास्त्रीय प्रमाणहाँ। 25 ऋषिकाएं ऋग्वेद में (अपाला/घोषा/लोपामुद्रा); गार्गी-याज्ञवल्क्य शास्त्रार्थ; मैत्रेयी ब्रह्मविद्या; अथर्ववेद कन्या ब्रह्मचर्य; पाणिनि गुरुकुल। मध्यकालीन प्रतिबंध=कालानुसार। मूल वैदिक=अधिकार।#महिला#वेद#मंत्र
महिला एवं धर्मगर्भवती स्त्री शिव मंत्र जपे या नहींहाँ — शुभ। 'ॐ नमः शिवाय' (शांति), महामृत्युंजय (सुरक्षित प्रसव), गायत्री, गीता। गर्भ संस्कार=शिशु लाभ। उग्र मंत्र टालें। शांति+सात्विक=सर्वोपरि।#गर्भवती#शिव#मंत्र
महिला एवं धर्ममहिलाएं शिव मंत्र जप कर सकती हैं क्याहाँ। शिव=अर्धनारीश्वर; पार्वती=सबसे बड़ी भक्त। 'ॐ नमः शिवाय', महामृत्युंजय, शिव चालीसा — सब अनुमत। सोमवार व्रत महिलाओं में लोकप्रिय। शास्त्रीय वर्जना नहीं।#महिला#शिव#मंत्र
महिला एवं धर्मस्त्रियों के लिए सबसे शक्तिशाली मंत्रगायत्री (सर्वश्रेष्ठ), दुर्गा (शक्ति), लक्ष्मी (धन), सरस्वती (ज्ञान), काली (भय निवारण)। देवी=शक्ति तत्व।#स्त्री#मंत्र#देवी