श्लोकों का अर्थचन्द्रशेखराष्टकम् में शिव के कौन से स्वरूपों का वर्णन है?चन्द्रशेखराष्टकम् में त्रिपुरांतक, भस्माधारी, गजचर्मधारी, नीलकण्ठ, वृषभवाहन, भेषजम्, भक्तवत्सल और विश्व सृष्टि-पालन-संहार नियंत्रक — इन स्वरूपों का वर्णन है।#शिव स्वरूप#त्रिपुरांतक#नीलकण्ठ
श्लोकों का अर्थचन्द्रशेखराष्टकम् के पहले श्लोक में क्या वर्णन है?पहले श्लोक में त्रिपुरांतक शिव का वर्णन है जिन्होंने मेरु धनुष, वासुकी प्रत्यंचा और विष्णु बाण से त्रिपुरासुर जलाया — 'मम किं करिष्यति वै यमः' (यमराज मेरा क्या करेगा)।#पहला श्लोक#त्रिपुरांतक#मेरु धनुष