विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में प्रेतकल्प के अध्ययन का फल और उसके कारण का उल्लेख स्वयं इस ग्रंथ में ही है।
मृत्यु के भय से मुक्ति — गरुड़ पुराण में कहा गया है — 'जो मनुष्य इस गरुड़पुराण सारोद्धार को सुनता है, चाहे जैसे भी इसका पाठ करता है, वह यमराज की भयंकर यातनाओं को तोड़कर निष्पाप होकर स्वर्ग प्राप्त करता है।' मृत्यु की सच्चाई जानने से उसका भय कम होता है।
जीवन-दर्शन की समझ — प्रेतकल्प का अध्ययन यह स्पष्ट करता है कि जीवन क्षणभंगुर है, केवल कर्म साथ जाते हैं और परमात्मा की शरण ही अंतिम सत्य है।
कर्तव्य-बोध — अध्ययन से परिजन समझते हैं कि मृत्यु के बाद क्या करना आवश्यक है — दशगात्र, श्राद्ध, दान — ये सभी कर्म प्रेतकल्प के अध्ययन से ही ज्ञात होते हैं।
पापकर्म से विरति — नरक की यातनाओं का वर्णन पढ़कर मनुष्य पापकर्म से विरत होता है और सत्कर्म की ओर प्रवृत्त होता है।
आत्म-ज्ञान — प्रेतकल्प का अध्ययन आत्मा, परमात्मा, कर्म और मोक्ष की गहरी समझ देता है।





