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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — 13772 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 13772 प्रश्न

लोक

ब्रह्मांडों का प्राण-सूत्र कैसे टूटा?

श्वास रुकने से प्राण-सूत्र निर्बल होकर टूटने लगा।

प्राण-सूत्रब्रह्मांडश्वास
लोक

समानांतर ब्रह्मांडों का पतन क्या है?

यह अनंत ब्रह्मांडों के प्राण-संतुलन टूटने की अवस्था है।

समानांतर ब्रह्मांडपतनमहाविष्णु
लोक

स्पंदन रुकने से क्या होता है?

स्पंदन रुकने से सृष्टि की गति और संतुलन टूटता है।

स्पंदनशून्यताप्रलय
लोक

ब्रह्मांडीय स्पंदन क्या है?

यह सृष्टि को चलाने वाली चेतना की सूक्ष्म धड़कन है।

स्पंदनब्रह्मांडमहामाया
लोक

प्रकृति की गति क्यों जरूरी है?

प्रकृति की गति से ही सृष्टि सक्रिय रहती है।

प्रकृतिगतिसृष्टि
लोक

पुरुष जड़ हो जाए तो क्या होता है?

पुरुष की जड़ता से सृष्टि का स्पंदन रुक जाता है।

पुरुषप्रकृतिस्पंदन
लोक

पुरुष और प्रकृति का संबंध क्या है?

पुरुष चेतना है और प्रकृति गति देने वाली ऊर्जा है।

पुरुषप्रकृतिसांख्य
लोक

श्वास रुकते ही ब्रह्मांड क्यों डगमगाए?

क्योंकि उनका प्राण-सूत्र महाविष्णु की श्वास पर निर्भर था।

श्वासब्रह्मांडप्राण
लोक

महाविष्णु की श्वास रुकने से क्या हुआ?

ब्रह्मांडों का प्राण-संतुलन टूटने लगा।

महाविष्णुश्वासब्रह्मांड पतन
लोक

केवल कुम्भक क्या है?

केवल कुम्भक स्वाभाविक श्वास-स्थिरता की अवस्था है।

केवल कुम्भकयोगश्वास
लोक

कुम्भक क्या होता है?

कुम्भक श्वास-रोक की योगिक अवस्था है।

कुम्भकयोगश्वास
लोक

श्वास अवरोध का अर्थ क्या है?

श्वास अवरोध प्राण-प्रवाह के ठहरने को कहते हैं।

श्वास अवरोधकुम्भकप्राण
लोक

महाविष्णु की श्वास क्यों रुक गई?

पुरुष की पूर्ण स्थिरता से प्रकृति का स्पंदन रुक गया।

महाविष्णुश्वास अवरोधयोगनिद्रा
लोक

सूत्रात्मा क्या होता है?

सूत्रात्मा ब्रह्मांडों को पिरोने वाला सूक्ष्म प्राण-सूत्र है।

सूत्रात्माप्राणब्रह्मांड
लोक

प्राण-सूत्र क्या है?

प्राण-सूत्र ब्रह्मांडों को श्वास से जोड़ने वाला अदृश्य धागा है।

प्राण-सूत्रब्रह्मांडमहाविष्णु
लोक

ब्रह्मांडीय ऋत कैसे चलता है?

यह महाविष्णु की श्वास और महामाया के स्पंदन से चलता है।

ऋतमहाविष्णुश्वास
लोक

ऋत क्या है?

ऋत ब्रह्मांड की शाश्वत व्यवस्था और संतुलन है।

ऋतब्रह्मांडीय नियमसंतुलन
लोक

विष्णु के तीन रूप कौन से हैं?

कारणोदकशायी, गर्भोदकशायी और क्षीरोदकशायी विष्णु।

विष्णुतीन रूपसृष्टि
लोक

क्षीरोदकशायी विष्णु कौन हैं?

वे हर जीव के हृदय में परमात्मा रूप से स्थित विष्णु हैं।

क्षीरोदकशायी विष्णुपरमात्माहृदय
लोक

गर्भोदकशायी विष्णु कौन हैं?

वे प्रत्येक ब्रह्मांड के भीतर स्थित विष्णु स्वरूप हैं।

गर्भोदकशायी विष्णुब्रह्मांडब्रह्मा
लोक

कारणोदकशायी विष्णु का काम क्या है?

वे अनंत ब्रह्मांडों की उत्पत्ति और विलय का आधार हैं।

कारणोदकशायी विष्णुकार्यसृष्टि
लोक

महाविष्णु श्वास भीतर लेते हैं तो क्या होता है?

उनकी श्वास भीतर जाते ही ब्रह्मांड उनमें विलीन होते हैं।

महाविष्णुश्वासमहाप्रलय
लोक

महाविष्णु श्वास बाहर छोड़ते हैं तो क्या होता है?

उनके प्रश्वास से अनंत ब्रह्मांड प्रकट होते हैं।

प्रश्वासमहाविष्णुसृष्टि
लोक

महाविष्णु की एक श्वास कितनी लंबी है?

उनकी एक श्वास ब्रह्मा की पूरी आयु के बराबर मानी गई है।

महाविष्णुश्वासब्रह्मा आयु

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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