विस्तृत उत्तर
केवल कुम्भक वह अवस्था है जब श्वास स्वाभाविक रूप से रुक जाती है। कथा में महाविष्णु की श्वास का संधिकाल इसी प्रतीक से समझाया गया है।
केवल कुम्भक क्या है को संदर्भ सहित समझें
केवल कुम्भक क्या है का सबसे सीधा सार यह है: केवल कुम्भक स्वाभाविक श्वास-स्थिरता की अवस्था है।
लोक जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
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इसी विषय के 5 प्रश्न
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विशुद्ध चक्र क्या है?
विशुद्ध चक्र कण्ठ क्षेत्र में स्थित पाँचवाँ ऊर्जा केंद्र है जो सत्य, पवित्रता और उच्चतर आध्यात्मिक चेतना का द्वार है। गरुड़ पुराण इसे महर्लोक का सूक्ष्म प्रतिनिधित्व मानता है।
महर्लोक में 'तपो यज्ञ' क्या होता है?
तपो यज्ञ में साधक देह, इन्द्रियों और मन को तपस्या की अग्नि में शुद्ध करता है। इससे योग-अग्नि से पोषण संभव होता है और सभी देह-विकार नष्ट हो जाते हैं।
योग साधना से महर्लोक कैसे मिलता है?
अष्टांग योग, सिद्धियाँ और संन्यास के माध्यम से सिद्ध योगी अपने प्राणों को स्वेच्छा से महर्लोक में ले जा सकते हैं। भागवत (११.२४.१४) यही कहता है।
शाक द्वीप में किसकी पूजा होती है?
शाक द्वीप में ऋतव्रत, सत्यव्रत, दानव्रत और अनुव्रत नामक निवासी प्राणायाम और अष्टांग योग द्वारा वायु देव (प्राणतत्व) की उपासना करते हैं।
शाक द्वीप में वायु देव की उपासना कैसे होती है?
शाक द्वीप में ऋतव्रत आदि चार वर्ण प्राणायाम और अष्टांग योग द्वारा समाधिस्थ होकर भगवान के वायु स्वरूप (प्राणतत्व) की आराधना करते हैं।
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