ग्रह दोष निवारणशनि राहु दोष निवारण के लिए बटुक भैरव का कौन सा मंत्र जपें?शनि-राहु दोष के लिए कालाष्टमी पर दीपक जलाकर मंत्र जपें: 'ह्रीं बं बटुकाय मम आपत्ति उद्धारणाय। कुरु कुरु बटुकाय बं ह्रीं ॐ फट स्वाहा।'#शनि राहु मंत्र#ग्रह शांति मंत्र#कालाष्टमी
मंत्र और स्तोत्रशनि देव की पूजा में कौन से मंत्र और स्तोत्र पढ़ने चाहिए?शनि देव का मूल मंत्र "ॐ शं शनैश्चराय नमः" है। साढ़ेसाती से बचने के लिए 'दशरथ कृत शनि स्तोत्र' और संकटों से बचने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ भी करना चाहिए।#शनि मंत्र#दशरथ स्तोत्र#वैदिक मंत्र
देवी-देवता परिचयशनि देव की माता कौन थीं?शनि देव की माता का नाम छाया है, जो सूर्य देव की प्रथम पत्नी संज्ञा का प्रतिरूप थीं। इसीलिए शनि को 'छायापुत्र' कहते हैं।#शनि देव#छाया#सूर्य पुत्र
स्तोत्र एवं पाठशनि दोष के लिए कौन सा स्तोत्रहनुमान चालीसा (सर्वप्रभावी), दशरथ कृत शनि स्तोत्र, शनि चालीसा, 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' 108, शनि वज्रपंजर। दान: तेल/तिल/उड़द शनिवार।#शनि#दोष#स्तोत्र
ज्योतिष दोष एवं उपायशनि साढ़ेसाती में कौन सी पूजा करेंहनुमान पूजा (सर्वप्रभावी), शनि पूजा ('ॐ शं शनैश्चराय नमः'), शिव अभिषेक, पीपल पूजा। दान: काले वस्त्र/तेल/तिल/उड़द। गरीब/वृद्ध सेवा = शनि सबसे प्रसन्न। सदाचार = सर्वोत्तम। साढ़ेसाती सदैव अशुभ नहीं।#शनि#साढ़ेसाती#पूजा
वार शास्त्रशनिवार को कौन से काम अशुभ?शनिवार=शनि। अशुभ: नया कार्य, गृहप्रवेश, विवाह, खरीद, यात्रा। शुभ: शनि/हनुमान पूजा, पीपल तेल, दान(तिल/कंबल/लोहा), लोहा/तेल व्यापार, नीलम धारण।#शनिवार#अशुभ#शनि