का सरल उत्तर
ज्योति=दैवीय ऊर्जा। हाथ गर्म→सिर(सहस्रार)=ऊर्जा मस्तिष्क। माथा(आज्ञा चक्र)=अंतर्ज्ञान। आँखें=नेत्र ज्योति। विधि: हथेली→आँख→माथा→सिर।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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