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सरल उत्तर

आत्मदेव ने संन्यास क्यों नहीं माना?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

आत्मदेव ने संन्यास को नीरस कहा और पुत्र-पौत्र से भरे गृहस्थ जीवन को सरस मानकर पुत्र मांगने का हठ किया।

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