ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

अधिक मास में कौन से पुण्य कर्म करें

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

पुरुषोत्तम मास पुण्य = कई गुना। विष्णु भक्ति (गीता/सहस्रनाम), दान (अन्न/वस्त्र/गो), व्रत, तीर्थ स्नान, भागवत कथा, तुलसी पूजा। शुभ कार्य वर्जित, पर पुण्य = अनंत।

सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
पंचांग एवं कैलेंडर

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।