का सरल उत्तर
गौतम ऋषि के आश्रम में — विश्वामित्र यज्ञ से जनकपुर जाते मार्ग में। शिला देखकर मुनि ने कथा सुनाई, रामजी के चरण-स्पर्श से अहल्या प्रकट हुईं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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